
डीयू में खेलों के साथ होता खिलवाड़
दिल्ली विश्वविद्यालय पिछले कुछ महीनों से विवादों के घेरे में है। कोबाल्ट घटना ने डीयू को जहां विवादास्पद बना रखा है तो वहीं सेमेस्टर सिस्टम पर शिक्षकों और वाइस चांसलर के बीच खींचतान जारी है। वहीं हाल ही में डीयू में खेलों की स्थिति पर मांगी गई आरटीआई कई राज खोलती है
दिल्ली विश्वविद्यालय पिछले कुछ महीनों से लगातार नकरात्मक टिप्पणियों की वजह से सुखियों में है। वजह चाहे सेमेस्टर सिस्टम पर शिक्षकों का विरोध हो, कोबाल्ट-60 का मामला हो या फिर स्पोट्र्स को सेंट्रलाइज्ड करने को लेकर हुए विवाद। वहीं इसी बीच में एक आरटीआई के हवाले से डीयू की खेल व्यवस्था को लेकर कुछ बातें सामने आई है। प्रमुख बात ये है पिछले तीन सालों में डीयू ने खेलों के विकास के लिए अतिरिक्त मशीन नहीं खरीदी है और इसकी वजह कॉमनवेल्थ गेम्स है। यह जानकारी डीयू ने छात्र नेता आशुतोष श्रीवास्तव द्वारा आरटीआई के तहत मांगी सूचनाओं में दी गई है। इसके अलावा डीयू को इस बात का भी इल्म नहीं है कि पिछले पांच सालों में महिला एवं पुरूष टीमों का जीत का प्रतिशत कितना बढ़ा है। इसके अलावा डीयू को ये भी जानकारी नहीं है कि राष्ट्रमंडल खेलों के लिए दिल्ली विश्वविद्यालय ने कितने वॉलिंटयर बनाए है।
जब डीयू से ये सवाल पूछा गया कि राष्ट्रीय टीम में डीयू से मौजूदा समय में कितने खिलाडी है तो इसका जवाब था कि अधिकृत फेडरेशन से उसे अब तक इस बात की जानकारी नहीं मिली है। वहीं डीयू को राष्ट्रमंडल खेलों के आयोजन के लिए मिला 306 करोड़ का बजट मिला है। लेकिन पिछले तीन सालों में कुल बजट में खेलों के बजट में 30 फीसदी की कटौती की गई है। वहीं टेनिस और शूटिंग में विश्वविद्यालय ने सबसे ज्यादा पुरस्कार जीते हैं तो हॉकी में टीम क्वार्टर फाइनल से आगे निकल नहीं पाई है।
वहीं राष्ट्रमंडल खेलों के आयोजन के दौरान हॉस्टल में रह रहे छात्र कहां ठहरेंगे तो अपनी आरटीआई में डीयू ने कॉलेजों के हॉस्टलों के पास छात्रों को ठहराने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की योजना है लेकिन वहीं डीयू अपने छात्रों से हॉस्टल खाली करा रहा है।
- डीयू को राष्ट्रमंडल खेलों के आयोजन के लिए मिला 306 करोड़ का बजट
- कितने वॉलिंटयर बनाए, नहीं है डीयू के पास जानकारी
- पिछले तीन सालों में डीयू ने नहीं खरीदी कोई नई मशीन
- पांच सालों में कितना बढ़ा जीत का प्रतिशत डीयू को नहीं मालूम
- पिछले तीन सालों में बढ़ी है महिलाओं की सहभागिता
- राष्ट्रमंडल खेलों के लिए डीयू के सात कॉलेज के मैदान और आठ हॉस्टल का होगा प्रयोग
- आरटीआई में डीयू ने कहा कि कॉलेजों के हॉस्टलों के पास छात्रों को ठहराने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की योजना है













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