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Posted Fri, 07/30/2010 - 15:26 by admin

रैंप से ज्यादा आसान है कोर्ट पर खेलना : सायना

सायना से मिलने पर वह पड़ोस में रहने वाली साधारण लड़की ही लगती हैं। वह लो प्रोफाइल में रहना पसंद करती हैं। कम बोलती हैं। अट्रैक्शन बनना उन्हें अजीब सा लगता है, लेकिन अब उन्हें धीमे धीमे इसकी आदत पड़ती जा रही है, लेकिन बोलने के बजाये बैडमिंटन कोर्ट पर रैकेट का कमाल दिखाना उन्हें ज्यादा आसान लगता है। जब वह सामने रू-ब-रू होती हैं तो लगता नहीं कि आपकी बातचीत दुनिया की नंबर दो खिलाड़ी से हो रही है, लेकिन जैसे ही वो कोर्ट में उतरती हैं, उनका एक अलग ही रूप सामने आता है, बेहद कांफिडेंट और आक्रमक खिलाड़ी का। मई से जून के बीच में उन्होंने लगातार तीन बड़ी प्रतियोगिताएं जीतकर सबको चकित कर दिया। उनकी इन्हीं सफलताओं ने उन्हें उस पायदान पर पहुंचा दिया है, जिसके बारे में उन्होंने फिलहाल नहीं सोचा था। वह तो यही मानकर चल रही थीं कि साल के अंत तक टॉप फाइव में आने का अपना लक्ष्य जरूर हासिल कर लेंगी, लेकिन जो कुछ हुआ, वो उनके लिए भी सपने की तरह ही है। हां, अब उन्हें अपनी मंजिल साफ दिख रही है, जो नंबर वन की ओर जाती है। सानिया से उनके खेल, आगामी योजनाओं और नया मार्केङ्क्षटग आइकन बनने के संबंध में हुई बातचीत पेश है-

अब आपका लक्ष्य क्या है?
मैं बड़े टूर्नामेंट जीतना चाहती हूं। फिलहाल मेरा ध्यान वल्र्ड चैंपियनशिप की ओर है, फिर मैं कामनवेल्थ चैंपियनशिप और फिर एशियाई खेलों में जीत हासिल करना चाहूंगी। और अंतिम तौर पर मेरा सपना ओलंपिक में देश के लिए पदक हासिल करना है। साथ ही साथ अब मेरा अगला पड़ाव नंबर वन बनना ही होगा।

नंबर दो बनकर कैसा महसूस हो रहा है, क्या अब आप खुद पर दबाव भी महसूस कर रही हैं?
थ्रिल महसूस कर रही हूं। विश्वास नहीं होता कि मैं नंबर दो हूं। ये पिछले महिने में लगातार तीन बड़ी जीतों के कारण हुआ। अब मैं तनाव में भी हूं, क्योंकि न केवल मुझसे उम्मीदें बढ़ जायेंगी बल्कि ज्यादा जिम्मेदारी भी आ जायेगी।

जब आपने देश का प्रतिनिधित्व करना शुरू किया था, तब में और अब में क्या फर्क आया है?
तब लोगों का ध्यान मेरी तरफ इतना ज्यादा नहीं था। जीत में लगातार पहले भी दर्ज कर रही थी। बाहर प्रतियोगिताओं में मेरा प्रदर्शन अच्छा हो रहा था लेकिन तब दिक्कतें भी थीं, मीडिया का ध्यान इतना ज्यादा नहीं था, स्पांसर्स की भी दिक्कत थी, लेकिन ज्यों ज्यों मैं आगे बढऩे लगी और मेरी वरीयता बेहतर हुई तो लोगों को लगने लगा कि मेरे अंदर क्षमता है, दमखम है, अब बहुत कुछ बदल रहा है और सुखद तरीके से बदल रहा है।

क्या आपको लगता है कि इस मुकाम पर पहुंचने के बाद आपको और भी ज्यादा तैयारी करनी होगी?
बिल्कुल अब आगे कुछ भी आसान नहीं होगा, मेरी जगह के लिए बहुत सी लड़कियां लगातार कोशिश कर रही होंगी और मेरी मंजिल नंबर वन की ओर बढऩा है, अगर नंबर दो तक पहुंचना मुश्किल था तो आगे भी कुछ आसान नहीं होगा। अब मुझे हर इवेंट के लिए और तैयारी करनी होगी, क्योंकि मैं टूर्नामेंट की हाई रैंकिंग प्लेयर होउंगी। मुझे अपनी फिटनेस और खेल पर वाकई कड़ी मेहनत करनी होगी।

अब आप मार्केटिंग ब्रांड भी बन गई हैं। कई बड़ी कंपनियां आपसे करार करना चाहती हैं?
हां, मैने कुछ करार किये हैं। कुछ और बड़ी कंपनियां मुझको साथ लेने में दिलचस्पी दिखा रही हैं। लेकिन ये सब देखने का काम मेरे पिता और मेरी मैनेजमेंट कंपनी डेक्कन चार्जर्स स्पोट्र्स वैंचर्स करती है, जिसकी मैं पहले से ब्रांड एंबेसडर हूं। लेकिन ये तय है कि मेरा फोकस केवल खेल पर ही रहेगा। मुझे मालूम है कि अगर इतनी कंपनियां मुझमें दिलचस्पी दिखा रही हैं तो मेरे खेल के ही कारण, इसलिए वो सबसे पहले है और सबसे ज्यादा जरूरी है। कुछ भी ऐसा नहीं करूंगी जो मेरी खेल की कीमत पर हो।

आप कैसे प्रोड्क्ट के साथ इंडोर्स करना चाहेंगी?
ऐसे प्रोडक्ट्स के, जिन्हें मैं खुद इस्तेमाल करती हूं या जो मेरी पर्सनालिटी पर शूट करेंगे। हर प्रोडक्ट के साथ मैं इंडोर्स नहीं करूंगी।

कुछ साल पहले आपके गुरु ने कोला का एड करने से मना कर दिया था, लेकिन आप वो एड कर रही हैं?
आज की जेनेरेशन सब कुछ पीना चाहती है, मैं भी उनमें हूं। गोपी सर ने जब एड नहीं करने का फैसला लिया था तब उनका मानना था कि हम जो कुछ करेंगे वही पब्लिक भी करेगी। मैं नहीं समझती कि ऐसा है कि जो कुछ मैं ड्रिंक करूंगी, वैसा ही दूसरे लोग भी शुरू कर देंगे।

आप कुछ दिन पहले एक फैशन शो में रैंप पर चली थीं, कैसा अनुभव था वो?
शुरू शुरू में मुझको बहुत अटपटा लग रहा था लेकिन बाद में मैं उसको इंजॉय करने लगी। लेकिन मेरे लिए नंबर वन का सामना करना रैंप पर चलने या एंडोर्समेंट शूट करने से ज्यादा आसान है।

क्या आप ग्लैमर जगत की ओर भी जाने का इरादा रखती हैं, किसी मूवी में काम करने का?
नहीं, बिल्कुल नहीं। मैं कोई मूवी नहीं करना चाहती, क्योंकि वो एकदम अलग किस्म का प्रोफेशन है और मेरा बैकग्राउंड स्पोट्र्स का है, इसलिए मैं केवल अपना खेल खेलना चाहती हूं।

हाल ही में धोनी ने एक मैनेजमेंट कंपनी के साथ 2१0 करोड़ का करार किया है, खुद एक चैंपियन होने के कारण आपको क्या लगता है कि दूसरे खिलाडिय़ों को भी ये मिलना चाहिए?
देखिये, धोनी क्रिकेटर हैं और हमें क्रिकेट से तुलना नहीं करनी चाहिए। क्रिकेट इस देश में जबरदस्त लोकप्रिय है, लेकिन मैं धोनी के लिए खुश हूं और खुद को मिल रहे रिस्पांस से भी। मुझे खुशी है कि मैं देश के लिए कुछ कर पा रही हू

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