'डायलॉग इंडिया' के लेखकों के लिए दिशा-निर्देश

'डॉयलाग इंडिया' एक रचनात्मक आंदोलन है जिसका उद्देश्य व्यवस्था के प्रत्येक उपागम का विश्लेषणात्मक परीक्षण करते हुए अपनी ओर से सुधारात्मक सुझाव देना तो है ही साथ ही निरंतर निरीक्षण, परीक्षण एवं विश्लेष्णों के आधर पर एक 'समग्र दर्शन' का विकास करना है जो देश में 'वैकल्पिक व्यवस्था' का मार्गदर्शक सिद्ध हो सके। हम भारतीय संविधान के दायरे में एक बेहतर भारत के निर्माण के लिए दृढ़ संकल्प है। अगर आप हट कर सोचते हैं और नये रचनात्मक सुझावों के साथ विविध आयामों पर अपने लेखनी चला सकते हैं तो आपके लेखों का स्वागत है। सामान्यतः पत्रिका प्रत्येक माह को 4-5 तारीख तक प्रकाशित होगी।

1. लेखन में कोई शब्द सीमा नहीं है किन्तु संपादन कसा होने के साथ ही लेख अप्रकाशित तथा मौलिक होना चाहिए लेख हिन्दी (देवनागरी) में होने चाहिए।

2. प्रकाशित लेख का पारितोषिक सम्पादक-मण्डल द्वारा तय किया जायेगा तथा प्रकाश के 1 माह के अन्दर भेज दिया जायेगा।

3. लेखक अपना लेख C.D./E-mail के माध्यम से ही दें। हस्तलिखित लेख स्वीकार नहीं किये जायेंगे (चाणक्य फोंट का प्रयोग करें) लेख प्रत्येक माह की 25 तारीख तक अवश्य पहुँचने चाहिए।

4. लेख में प्रस्तुत विचार लेखक के स्वयं के होंगे, प्रकाशक इस संबंध में हुई किसी भी त्रुटि के लिए उत्तरदायी नहीं होगा।

5. 'डॉयलाग इंडिया' में छपी समस्त सामग्री पर प्रकाशक का कॉपीराईट (सर्वाधिकार) होगा।

6. लेखक का फोटो एवं परिचय (Bio-Data) आवश्यक है।

7. प्रकाशित नहीं होने पर लेखक को S.M.S. द्वारा सूचना दे दी जायेगी। संभव है कि E-Edition में अतिरिक्त लेखों को जगह दे दी जाये किन्तु ऐसी अवस्था में पारितोषिक नहीं दिया जायेगा।

8. लेख का सार लगभग 100 शब्दों में लेख के साथ अवश्य भेजें।

9. सम्पूर्ण लेख एक ही बार में भेजा जाये। अंशों में स्वीकार्य नहीं होगा।

10. लेखकों से अपेक्षा है कि वो अपने विश्लेषण को सत्य की कसौटी पर परख कर ही प्रस्तुत करेंगे। सत्यापन हेतु यथासंभव आंकड़ों, नक्शों, चित्रों, सबूतों व संदर्भों का अवश्य प्रयोग करें।